निर्देश की तारीख 18 सितंबर 2024 है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, नए उद्योग जहाँ खुलें, वहीं संस्थाओं के सहयोग से श्रमिक रहवास बने। औद्योगिक क्षेत्र की झुग्गियाँ इससे नियंत्रित हों। श्रम विभाग इस्कॉन जैसी भोजन व्यवस्था देखे। रोजगार आधारित उद्योग अपने परिसर में प्रशिक्षण दें। वेतन इसे समीक्षा का पन्ना मानता है, बने मकान की चाबी नहीं।
बैठक में 16 नगर निगम क्षेत्रों में 100 बिस्तर के मॉडल रैन बसेरे बनाने की कार्यवाही चल रही बताई गई। संचालन कलेक्टर की समिति, निकाय के माध्यम से। भोपाल, सागर, जबलपुर, इंदौर के प्रस्ताव श्रम विभाग को मिल चुके; अन्य जगह भूमि चिह्नित। महिला-पुरुष अलग ठहरना, डिस्पेंसरी, प्रति बसेरा लगभग छह करोड़। ये 2024 के वाक्य हैं।
जो चालू बताया गया, जो शीघ्र कहा गया
चार श्रमोदय आवासीय विद्यालय—भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर—3,500 से अधिक विद्यार्थी, 15 जेईई-नीट, 13 नौसेना और सशस्त्र बलों में चयन। भोपाल श्रमोदय आईटीआई क्रिस्प चला रहा, सत्र 2023-24 में 139 प्रशिक्षणार्थी। ई-श्रम पर 1.81 करोड़ पंजीयन, देश में चौथा। कर्मकार मंडल 2023-24 में 1,14,900 हितग्राही; उस वित्त वर्ष के पाँच महीनों में 51,226। पीथमपुर का 100 बिस्तर अस्पताल शीघ्र शुरू करने और मिल बकाया निपटाने के निर्देश साथ हैं। तस्वीर समीक्षा बैठक की है।
मुख्य बातें
- चार श्रमोदय विद्यालयों में 3,500 से अधिक विद्यार्थी; 15 जेईई-नीट, 13 नौसेना/सशस्त्र बल—बैठक का ब्योरा।
- ई-श्रम पर 1.81 करोड़ पंजीयन, देश में चौथा स्थान—उस दिन का दावा।
- पीथमपुर 100 बिस्तर ईएसआई अस्पताल “शीघ्र प्रारंभ” कहा गया; मिल बकाया इंदौर-नागदा-रतलाम-ग्वालियर पर संकल्प।
स्रोत और संदर्भ
- मध्य प्रदेश जनसंपर्क · नए खुलने वाले उद्योगों के पास ही श्रमिकों के लिए विकसित हो रहवास सुविधा ↗18 सितंबर 2024
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 17 सितंबर 2026।



