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भोपाल / भंडारण और प्रसंस्करण

कटाई के बाद भी अनाज पर होता है काम

सीआईएई के प्रौद्योगिकी पार्क में चने का छोटा साइलो और प्याज का हवादार भंडार है। मिलेट प्रसंस्करण केंद्र में सफाई से आटा बनाने तक की मशीनें मिलती हैं।

वन उपज और काम / सिवनी

सीताफल के मौसम से आगे: सिवनी की महिलाओं का पल्प वाला काम

छपारा के महिला समूह सीताफल के संग्रह, छँटाई, पैकिंग और बिक्री से जुड़े हैं। मई 2026 का सरकारी विवरण बताता है कि दो इकाइयों में गूदे को कम तापमान पर सँभालकर दूसरे मौसमों की माँग के लिए रखा जाता था।

भोपाल / मेला

23–24 अगस्त, 11–9:30 बजे; शहद उत्पाद-सूची में

23 अगस्त 2025: पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह ने भोपाल हाट, अरेरा हिल्स पर दो दिवसीय आजीविका फ्रेश मेला शुरू किया। 11 बजे से 9:30 रात। सीईओ श्रीमती हर्षिका सिंह का स्वागत। उत्पाद सूची लंबी है—अनाज, दलहन, घी, टोफू, मशरूम, महुआ, मिलेट, गोबर दीये—और उसमें “जंगल की शुद्ध शहद” एक पंक्ति। श्योपुर-अलीराजपुर के ककोडे; नरसिंहपुर तुअर-गुड़; बालाघाट चिनौरी; सिवनी जीरा शंकर। मधु मेले को मधुमक्खी पालन सम्मेलन नहीं मानती।

भोपाल / मोहन यादव सरकार

रहवास निर्देश: समीक्षा 2024, पूरा होना अलग

18 सितंबर 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रम विभाग की समीक्षा में कहा, नए उद्योग के पास श्रमिक रहवास बने, झुग्गी नियंत्रण हो, इस्कॉन जैसी भोजन व्यवस्था देखी जाए। बैठक में 16 नगर निगमों में 100 बिस्तर के मॉडल रैन बसेरे बनाने की कार्यवाही चल रही बताई गई; भोपाल, सागर, जबलपुर, इंदौर के प्रस्ताव विभाग को मिले। प्रति बसेरा लगभग छह करोड़। यह 2024 की समीक्षा है, 2026 की चाबी नहीं।

भोपाल / बोतल

28 अक्टूबर 2024 शुभारंभ तय; नवंबर में “अच्छा विक्रय”

27 अक्टूबर 2024। भोपाल सहकारी दुग्ध संघ पाश्चुरीकृत सांची नारियल पानी लाएगा। श्री पटेल 28 अक्टूबर को मुख्य डेयरी प्लांट पर बिक्री शुभारंभ करेंगे। 200 मिली बोतल, ₹50। पैकिंग तमिलनाडु पोलाची। विज्ञप्ति: किसी दुग्ध सहकारी संघ ने पैक बोतल में नारियल पानी नहीं कराया—यह दावा संघ का है। कुछ वर्ष पहले 4–6 उत्पाद, अब 25 तरह। नवंबर समीक्षा में सीईओ: अच्छा विक्रय हो रहा। दूध इसे मालवा के नारियल खेत नहीं कहती।

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मंडला / कान्हा

सुपखार: दूसरे चरण में 4 भैंस, कुल 8

9 मई 2026 को कान्हा टाइगर रिजर्व, मंडला के सुपखार परिक्षेत्र में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) श्रीमती समिता राजोरा और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री एल. कृष्णमूर्ति ने चार और जंगली भैंसों को विशेष बाड़े में मुक्त किया। लगभग एक शताब्दी से प्रदेश के वनों से विलुप्त बताई गई प्रजाति काजिरंगा से आ रही है। पहले चरण 28 अप्रैल को चार भैंस; दूसरे चरण के बाद संख्या आठ। स्वर आगामी चरण को घोषित पूर्णता नहीं मानती।

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